AMBIKAPUR NEWS – राजीव गांधी शासकीय पीजी कॉलेज अम्बिकापुर में आयोजित हुए बी.कॉम एटीकेटी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आजाद सेवा संघ ने लगाया गड़बड़ी का आरोप।
अंबिकापुर के राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में बी.कॉम द्वितीय सेमेस्टर (ATKT) की गणित की परीक्षा में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिससे लगभग 400 छात्र प्रभावित हुए हैं। परीक्षा के प्रश्न पत्र में पाठ्यक्रम के अनुसार सैद्धांतिक (थ्योरी) प्रश्न दिए जाने थे, लेकिन पूरे प्रश्न पत्र में केवल संख्यात्मक (न्यूमेरिकल) प्रश्न ही पूछ लिए गए।
AMBIKAPUR NEWS – संघ ने बताया बीकॉम की बड़ी चूक –
यह महाविद्यालय प्रबंधन और बी.कॉम विभाग की एक बड़ी चूक मानी जा रही है, जिसने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया। गौरतलब है कि पूर्व में भी जब-जब यह परीक्षा ली गई है, तब-तब न्यूमेरिकल प्रश्नों के साथ थ्योरी प्रश्न भी पूछे गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा को इसकी जानकारी मिली। छात्रों के साथ हुए इस अन्याय को गंभीरता से लेते हुए, श्री मिश्रा ने तत्काल राजीव गांधी पीजी कॉलेज की प्राचार्य से संपर्क किया और उन्हें एक आवेदन सौंपा। उन्होंने प्राचार्य से मांग की कि इस त्रुटि की गहन जांच की जाए और छात्रों को न्याय मिले।

AMBIKAPUR NEWS – महाविद्यालय प्रबंधन करेगी निष्पक्ष जांच –
रचित मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार किया। प्राचार्य ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि प्रश्न पत्र में हुई गलती की निष्पक्ष रूप से जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रों को इस चूक का खामियाजा न भुगतना पड़े।
Ambikapur news – इस घटना पर टिप्पणी करते हुए, रचित मिश्रा ने कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय में ऐसी बड़ी गलती हुई, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। बी.कॉम के पाठ्यक्रम में गणित में सैद्धांतिक और संख्यात्मक दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं, और केवल संख्यात्मक प्रश्न देना छात्रों के साथ घोर अन्याय है। हमें खुशी है कि महाविद्यालय प्रबंधन ने हमारी बात सुनी और इस मामले की जांच करने पर सहमति व्यक्त की।”
AMBIKAPUR NEWS – संघ के अन्य कार्यकर्ता रहे उपस्थिति –

छात्रों ने भी आजाद सेवा संघ और रचित मिश्रा के प्रयासों की सराहना की है, जिन्होंने उनकी आवाज उठाई और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए कि उन्हें इस प्रशासनिक चूक के कारण दंडित न किया जाए। यह घटना महाविद्यालयों में परीक्षा प्रणाली की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता पर बल देती है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोका जा सके और छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके। इस दौरान छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता, नीतीश भाई पटेल, विकास, विवेक, आंचल, तूलिका, पायल मंडल एवं अन्य छात्र उपस्थित रहे।