CLEAN CITY AMBIKAPUR – भारत के स्वच्छ शहरों में शामिल अंबिकापुर देश के लिए बन रहा मिसाल।
अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़ के उत्तर में स्थित सरगुजा जिले का मुख्यालय, न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी यह शहर आज देशभर में एक उदाहरण बन चुका है। भारत सरकार द्वारा आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण में अंबिकापुर कई बार शीर्ष 10 सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल हुआ है। इस सफलता के पीछे न केवल प्रशासनिक दूरदर्शिता है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी भी इसकी मजबूत आधारशिला है।
CLEAN CITY AMBIKAPUR – स्वच्छता की अनूठी पहल – ‘Zero Waste’ मॉडल –
अम्बिकापुर नगर निगम ने वर्ष 2015 से “Zero Waste” यानी शून्य अपशिष्ट मॉडल को अपनाना शुरू किया। इसके अंतर्गत शहर को 48 वार्डों में बाँटा गया और प्रत्येक वार्ड में स्व-सहायता समूह की महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य करने लगीं। खास बात यह रही कि कचरा पहले ही स्रोत पर गीले और सूखे में अलग करवा लिया जाता है, जिससे उसके पुनर्चक्रण में आसानी होती है।
नगर निगम ने एक ‘स्मार्ट रिसोर्स सेंटर’ की स्थापना की, जहाँ एकत्रित कचरे को वैज्ञानिक तरीके से छांटा, रिसायकल और पुनः उपयोग योग्य वस्तुओं में बदला जाता है। इस प्रक्रिया से कचरा ही कमाई का साधन बन गया है और इससे अनेक महिलाओं को रोजगार भी मिला है।
CLEAN CITY AMBIKAPUR – नागरिक सहभागिता और जनजागरूकता –

स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होती, इसे अम्बिकापुर के नागरिकों ने भी बखूबी समझा। शहर में बच्चों के लिए स्वच्छता जागरूकता अभियान, स्कूलों में प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और पेंटिंग से लेकर स्वच्छता दीवारों पर चित्रकारी जैसी गतिविधियाँ चलाई जाती हैं। प्रत्येक नागरिक को यह समझाया गया कि उनकी एक छोटी सी पहल शहर को कितना बड़ा सम्मान दिला सकती है।
CLEAN CITY AMBIKAPUR – अन्य शहरों के लिए आदर्श –
अम्बिकापुर के मॉडल को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सराहा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अंतर्गत इसे आदर्श नगर घोषित किया गया, और भारत के कई नगर निगमों ने अंबिकापुर से प्रेरणा लेकर डिकंपोज़िंग और रिसायकलिंग सिस्टम को अपनाना शुरू किया।
CLEAN CITY AMBIKAPUR – अम्बिकापुर चमकता हुआ उदाहरण –
अम्बिकापुर की स्वच्छता यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि स्थानीय प्रशासन, नागरिक और सामाजिक समूह मिलकर काम करें, तो कोई भी शहर कचरे से मुक्ति पाकर, एक स्वच्छ, सुंदर और जीवनयोग्य स्थान बन सकता है। स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि यह संस्कार बन चुकी है – और अंबिकापुर इस संस्कार को जीवित रखे हुए एक चमकता हुआ उदाहरण है।