AMBIKAPUR NEWS – हज़ारों कांवरिए अम्बिकापुर शंकरघाट से रवाना, 65 किमी की पदयात्रा कर मंगलवार को कैलाश गुफा में करेंगे जलाभिषेक।

Spread the love

AMBIKAPUR NEWS – हज़ारों कांवरिए अम्बिकापुर शंकरघाट से रवाना, 65 किमी की पदयात्रा कर मंगलवार को कैलाश गुफा में करेंगे जलाभिषेक।

Instagram Page Follow Us
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

हर वर्ष की परंपरा की तरह इस वर्ष भी सावन के पावन अवसर पर कांवड़ यात्रा का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। सोमवार की सुबह हज़ारों कांवरिए शंकरघाट (अंबिकापुर) से पवित्र जल लेकर लगभग 65 किलोमीटर की पदयात्रा पर कैलाश गुफा (जयपुर) के लिए रवाना हुए। यह भक्तगण मंगलवार को भोलेनाथ को जलाभिषेक अर्पित करेंगे।

FOLLOW OUR WHATSAPP CHANNEL

AMBIKAPUR NEWS – रविवार रात से यात्रा की तैयारियां थीं जोरों पर –

रविवार की रात से ही यात्रा की तैयारियाँ जोरों पर थीं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं कांवरिया संघ द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। बीते 33 वर्षों से कांवरिया संघ द्वारा इस यात्रा का सतत आयोजन किया जा रहा है, जो अब क्षेत्रीय आस्था और परंपरा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

AMBIKAPUR NEWS

AMBIKAPUR NEWS – श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पर जलपान की व्यवस्था –

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह नाश्ता, जलपान और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने हेतु विशेष सावधानी बरती है। एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर यातायात विभाग द्वारा रूट चार्ट जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत 20 जुलाई की रात 10:00 बजे से 21 जुलाई की दोपहर 12:00 बजे तक कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

AMBIKAPUR NEWS – प्रतिबंधित मार्ग इस प्रकार हैं –

शंकरघाट से रामानुजगंज रोड तक

ककना मोड़ से रामानुजगंज चौक, बंगाली चौक, खरसिया नाका एवं भारत माता चौक तक

अंबिकापुर-बतौली मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यात्रा मार्गों पर सावधानीपूर्वक चलें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके।

Also read – नशे का अड्डा बना कलाकेंद्र मैदान, झाड़ियों में शराब की बोतलें, नशीली दवाओं के अवशेष, स्थानीयों में डर।