GANGREL DAM CHHATTISGARH – जो है छत्तीसगढ़ का सबसे लंबा बांध और पर्यटकों का पसंदीदा स्थल।
छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला प्राकृतिक सुंदरता और जल संपदा के लिए जाना जाता है। यहां स्थित गंगरेल डैम, जिसे रविशंकर डैम भी कहा जाता है, धमतरी की लाइफ़लाइन माना जाता है। यह बाँध महानदी पर बनाया गया है और राज्य का सबसे लंबा बाँध है। (Gangrel dam Chhattisgarh) धमतरी नगर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षण का केंद्र है।
गंगरेल डैम का महत्व और निर्माण –
Gangrel dam Chhattisgarh – गंगरेल डैम का निर्माण धमतरी जिले की सिंचाई, ऊर्जा और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किया था। लगभग 15,000 क्यूसेक पानी को रोककर रखा जाने वाला यह बाँध किसानों को सालभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराता है, जिससे दो फसली खेती संभव हो पाती है।

Gangrel dam Chhattisgarh – डैम से संचालित गंगरेल हाइडल पॉवर प्रोजेक्ट (10 मेगावॉट क्षमता) से आसपास के क्षेत्रों को बिजली मिलती है। इतना ही नहीं, यह बाँध भिलाई स्टील प्लांट और राज्य की नई राजधानी रायपुर को भी पानी उपलब्ध कराता है।
धमतरी की लाइफ़लाइन –
GANGREL DAM CHHATTISGARH – गंगरेल डैम को धमतरी की लाइफ़लाइन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां का अधिकांश कृषि क्षेत्र इसकी सिंचाई पर निर्भर करता है। बांध से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुँचकर किसानों की खुशहाली का कारण बनता है। यही वजह है कि धमतरी को छत्तीसगढ़ का ‘धान का कटोरा’ भी कहा जाता है।
सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि धमतरी जिले का औद्योगिक और शहरी जीवन भी इस डैम से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि गंगरेल डैम को धमतरी की धड़कन माना जाता है।
पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता –
गंगरेल डैम केवल तकनीकी चमत्कार ही नहीं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी एक खास जगह है। यहाँ के शांत पानी, फैली हुई हरियाली और लहरों से खेलती सूर्य की किरणें देखने वालों का मन मोह लेती हैं।

यहाँ बोटिंग, जलक्रीड़ा, और पिकनिक का आनंद लिया जा सकता है। डैम के किनारे बने उद्यान और फैला हुआ परिसर परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने के लिए आदर्श स्थान है। खासकर यहाँ का सूर्योदय और सूर्यास्त बेहद मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
गंगरेल डैम तक पहुँचने के साधन –
हवाई मार्ग : सबसे नजदीकी हवाई अड्डा रायपुर में है, जो धमतरी से लगभग 75 किलोमीटर दूर है। रायपुर एयरपोर्ट से धमतरी तक टैक्सी और कैब आसानी से उपलब्ध हैं।
सड़क मार्ग : धमतरी शहर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 और अन्य सड़कों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रायपुर, भिलाई और आसपास के शहरों से नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध रहती हैं।
रेल मार्ग : धमतरी तक रेल सुविधा भी है, हालांकि प्रमुख संपर्क रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होता है।

आसपास घूमने योग्य स्थल –
गंगरेल डैम आने वाले पर्यटक आस-पास के कई दर्शनीय स्थलों का भी आनंद ले सकते हैं –
चित्रकोट जलप्रपात (जगदलपुर) – जिसे भारत का “नियाग्रा फॉल्स” कहा जाता है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान – अपनी जैव विविधता, गुफाओं और हरे-भरे जंगलों के लिए प्रसिद्ध।
मानवशास्त्रीय संग्रहालय, जगदलपुर – बस्तर की जनजातीय संस्कृति और इतिहास की झलक दिखाता है।
कैलाश व कोटुमसर गुफाएँ – प्राकृतिक गुफाएँ जो साहसिक अनुभव चाहने वालों के लिए खास हैं।
दलपत सागर झील – शांत और सुंदर झील जो बोटिंग और प्राकृतिक नज़ारों के लिए मशहूर है।
छत्तीसगढ़ की पहचान है यह डैम –
Gangrel dam Chhattisgarh – गंगरेल डैम सिर्फ एक बाँध नहीं है, बल्कि यह धमतरी की जीवन धारा है। यह किसानों को पानी देता है, बिजली पैदा करता है, उद्योगों को सहारा देता है और पर्यटन को बढ़ावा देता है। Gangrel dam Chhattisgarh – अपने सुंदर दृश्यों और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यह जगह स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सच कहा जाए तो गंगरेल डैम धमतरी की पहचान है और पूरे छत्तीसगढ़ की शान।

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